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मुसाफ़िर चार-चांद हंसी गुमसुमसीहोगईहैजिंदगीखालीमकानसाहैमनमोतियोंसीमुस्कानकोईबिखेरेपंछियोंसाचहकताहैतन ऋतु बसंत मोहब्बतकाअंदाजहैशायरानाबनजाएनाकोईभीअफसानाउल्फतमेंहैसाराजमानाहोमिलनकीबेलाआशिकाना कहीकिसीरोज दिन, पापा जी यादें अमावस्या ने तो आना ही यारों हर मौसम में करते सुंदरता की गठरी दुख-दर्दकेआँसूतकपीजातेलोग परोपकार दिन कितने हम सब तपाकर ग़म भट्टी

Hindi चार बजे Quotes