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तस्लीमवो गुमसुमसीहोगईहैजिंदगीखालीमकानसाहैमनमोतियोंसीमुस्कानकोईबिखेरेपंछियोंसाचहकताहैतन चार चांद परोपकार ट्यूशन चार-चांद मंज़िल कहीकिसीरोज मुसाफ़िर ऋतु बसंत पढ़ने जाना दिन, वाले थे को कैसे भी सफ़र पेट में रखकर दोस्तों हम ही तपाकर ग़म भट्टी हंसी

Hindi चार बजे Quotes